डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन (Dr. Sarvepalli Radhakrishnan) ने अपनी मर्जी से दर्शन नहीं पढ़ा था, बल्कि एक रिश्ते के भाई के पास ये किताबें होने के कारण उनके पास पढ़ने का यही जरिया था. और इस तरह देश को महान दार्शनिक मिला.from Latest News देश News18 हिंदी https://ift.tt/3lSQa28
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